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नहीं रहे आगा खान चतुर्थ, कभी सरकार को तोहफे में दे दिया था अपने प‍िता का महल

 

आगा खान चतुर्थ, जिनका असली नाम शाह करीम अल-हुसैनी था, इस्माइली शिया मुसलमानों


के आध्यात्मिक नेता थे। उनका निधन 4 फरवरी 2025 को हुआ, जिससे उनके अनुयायियों और दुनिया भर में शोक की लहर है। 


आगा खान चतुर्थ के दादा, आगा खान तृतीय, ने 1892 में पुणे में आगा खान महल का निर्माण किया था। यह महल महात्मा गांधी और उनके सहयोगियों के लिए कारावास के रूप में उपयोग किया गया था। 1969 में, आगा खान चतुर्थ ने इस महल को भारत सरकार को दान में दे दिया था। 


आगा खान चतुर्थ के योगदानों में शिक्षा, स्वास्थ्य, संस्कृति, ग्रामीण विकास, संस्था-निर्माण और आर्थिक विकास जैसे क्षेत्रों में उनके प्रयास शामिल हैं। उनके निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शोक व्यक्त किया है। 


उनके योगदानों और उनके द्वारा किए गए कार्यों की स्मृति में, आगा खान महल आज एक संग्रहालय के रूप में जनता के लिए खुला है, जहां महात्मा गांधी और उनके सहयोगियों से संबंधित वस्तुएं प्रदर्शित की जाती हैं।


आगा खान महल के बारे में अधिक जानकारी के लिए, आप नीचे दिए गए वीडियो को देख सक

ते हैं:


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