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हमें तोड़ने की कोशिश करोगे तो सिर तोड़ देंगे', उद्धव ठाकरे का शिंदे और बीजेपी पर पलटवार

 उद्धव ठाकरे का शिंदे और बीजेपी पर पलटवार: 'हमें

तोड़ने की कोशिश करोगे तो सिर तोड़ देंगे'


महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर गर्मी बढ़ गई है। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा, "हमें तोड़ने की कोशिश करोगे तो सिर तोड़ देंगे।" यह बयान महाराष्ट्र की राजनीति में चल रहे घमासान के बीच आया है, जब शिवसेना का शिंदे गुट और बीजेपी सरकार मजबूत पकड़ बनाए हुए हैं।


क्या है पूरा मामला?


उद्धव ठाकरे का यह बयान उस वक्त आया जब वे अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने बीजेपी और शिंदे गुट पर आरोप लगाते हुए कहा कि वे शिवसेना को खत्म करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन ऐसा कभी नहीं होगा। ठाकरे ने अपनी पार्टी की एकजुटता पर जोर दिया और कहा कि जो भी उनकी पार्टी को कमजोर करने की कोशिश करेगा, उसे करारा जवाब दिया जाएगा।


शिंदे गुट और बीजेपी पर हमले


उद्धव ठाकरे ने सीधे तौर पर शिंदे गुट को गद्दार बताते हुए कहा कि उन्होंने सत्ता की लालच में शिवसेना के मूल विचारों से समझौता कर लिया है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बीजेपी ने शिवसेना को तोड़ने के लिए षड्यंत्र रचा और एकनाथ शिंदे को मोहरा बनाया।


ठाकरे ने कहा, "जब हमारे साथ थे, तब हिंदुत्व अच्छा था और जब हमें धोखा देकर चले गए, तब हम सेक्युलर हो गए? यह कौन सा तर्क है?" उन्होंने बीजेपी पर हमला बोलते हुए कहा कि वे केवल सत्ता की राजनीति करते हैं और अपने सहयोगियों को कभी भरोसे में नहीं लेते।


बीजेपी पर हमला


उद्धव ठाकरे ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि उनकी पार्टी ने कभी हिंदुत्व से समझौता नहीं किया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर कटाक्ष करते हुए कहा कि बीजेपी को अब अहंकार में नहीं रहना चाहिए क्योंकि महाराष्ट्र की जनता सब कुछ देख रही है।


क्या कहता है शिंदे गुट?


उद्धव ठाकरे के इस बयान पर शिंदे गुट की प्रतिक्रिया आना बाकी है, लेकिन इससे पहले भी शिंदे गुट के नेता ठाकरे पर हमला बोल चुके हैं। उनका कहना है कि असली शिवसेना वही हैं और उद्धव ठाकरे ने बालासाहेब ठाकरे की विचारधारा से भटककर एनसीपी और कांग्रेस के साथ गठबंधन किया था, जिससे पार्टी कमजोर हो गई।


आगे की रणनीति


उद्धव ठाकरे ने अपने समर्थकों से अपील की है कि वे 2024 के लोकसभा और विधानसभा चुनावों के लिए तैयार रहें। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई सिर्फ सत्ता की नहीं बल्कि शिवसेना की असली विचारधारा को बचाने की है।


महाराष्ट्र की राजनीति में इस बयान के बाद हलचल मच गई है। अब देखना होगा कि शिंदे गुट और बीजेपी इस पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं और आगे राजनी

ति किस दिशा में जाती है।


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