हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक रैली या भाषण के दौरान कांग्रेस पर निशाना साधते हुए मशहूर अभिनेता देव आनंद और बलराज साहनी से जुड़े एक पुराने घटनाक्रम का जिक्र किया। पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस सरकार के दौरान इन महान कलाकारों को प्रताड़ित किया गया था और उन्हें देश छोड़ने तक की नौबत आ गई थी।
क्या था मामला?
1. देव आनंद और कांग्रेस सरकार:
देव आनंद को नेहरू युग के बाद इंदिरा गांधी सरकार के दौरान असहमति के कारण टारगेट किया गया था।
1975 में जब इमरजेंसी लगी, तो कई कलाकार और बुद्धिजीवी कांग्रेस सरकार के खिलाफ हो गए।
देव आनंद ने खुलकर इसका विरोध किया और जनता पार्टी का समर्थन किया।
इसके बाद कांग्रेस सरकार ने उनके खिलाफ माहौल बनाया, जिससे वे आहत हुए और राजनीति से दूरी बना ली।
2. बलराज साहनी और सरकार:
बलराज साहनी अपने प्रगतिशील विचारों और वामपंथी झुकाव के लिए जाने जाते थे।
1950-60 के दशक में जब सरकार कम्युनिस्ट विचारधारा को लेकर सख्त थी, तब उन्हें संदेह की नजर से देखा गया।
कहा जाता है कि उन्हें सरकार के दबाव और नजरबंदी जैसी स्थितियों का सामना करना पड़ा था।
पीएम मोदी का कांग्रेस पर हमला
पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस की तानाशाही नीतियों ने न केवल आम जनता बल्कि देश के प्रतिष्ठित कलाकारों तक को नहीं बख्शा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस ने इमरजेंसी में मीडिया, कलाकारों और बुद्धिजीवियों की आवाज को दबाने का काम किया।
निष्कर्ष
पीएम मोदी का यह बयान कांग्रेस के आपातकालीन दौर और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सरकार के रवैये की आलोचना के तौर पर देखा जा सकता है। कांग्रेस इस दावे को राजनीतिक स्टंट बता सकती है, लेकिन यह चर्चा जरूर शुरू हो गई है कि क्या वाकई उस दौर में कला
कारों को दबाने की कोशिश हुई थी?

0 Comments